किन सेवाओं में आधार लिंकिंग अभी भी अनिवार्य है?

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) द्वारा जारी 12-नंबर की बायोमेट्रिक आईडी(biometric ID), आधार को लिंक करना, Income Tax Department, bank account number, mobile number, Universal Account Number (UAN) द्वारा जारी स्थायी खाता संख्या जैसी विभिन्न सेवाओं के साथ है।

Universal Account Number (UAN) नियोक्ता भविष्य निधि संगठन (EPFO) द्वारा जारी किया गया है, और कई अन्य आधिकारिक सेवाएं Government के इस उद्देश्य से विचाराधीन हैं कि प्रत्येक नागरिक(citizen) को अपने आधार(Aadhar) को उपरोक्त सेवाओं से जोड़ा जाना चाहिए।

इससे पहले पिछले साल 26 september, 2018 में, सुप्रीम कोर्ट ने आधार(Aadhar) की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा और सेवाओं का एक सेट वर्गीकृत किया, जहां आधार(Aadhar) को लिंक करना अनिवार्य नहीं है जैसे कि Mobile Number, Bank Account,और आधार को अब UGC, NEET and CBSE examinations, school admissions, सीबीएसई(CBI) की परीक्षाएं, विद्यालय प्रवेश(visa) इसके अलावामें प्रदर्शित होने के लिए अनिवार्य रूप से आवश्यक नहीं होगा।

सुप्रीम अदालत ने कहा है कि कोई भी संस्था आधार के लिए नहीं कह सकती है और सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा(national security) के आधार पर किसी व्यक्ति के आधार विवरण का खुलासा नहीं करेगी।

यहां उन सेवाओं की सूची दी गई है जहां आधार और आधार लिंकिंग अभी भी अनिवार्य है

Aadhaar-PAN card linking: Income Tax अधिनियम की धारा 139 AA के तहत Aadhaar card  को PAN Card से लिंक करना अभी भी अनिवार्य है क्योंकि Income Tax से बचने के लिए कर चोर आसानी से कई PAN Card बनाकर करों से बच सकते हैं।

income tax returns दाखिल करने के लिए आधार: आधार कार्ड(Aadhar Card) को पैन कार्ड से लिंक करने की अनिवार्यता के साथ, income tax returns दाखिल करने के लिए भी (Aadhar Card) अनिवार्य होना जारी है।

सरकारी कल्याणकारी(welfare) योजना के लिए आधार: सरकार द्वारा सहायता प्राप्त कल्याणकारी(welfare) योजनाओं और सब्सिडी का लाभ उठाने के लिए आधार कार्ड(Aadhar Card) आवश्यक है।

अभी तक, ईपीएफ(EPF ) और कई अन्य संगठनों की ओर से इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि Aadhar Card की आवश्यकता है या नहीं। 26 september, 2018 को अपने ऐतिहासिक फैसले में तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश Dipak Misra की अध्यक्षता वाली सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) की पांच-न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने Aadhar Card की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा।

Updated: February 28, 2019 — 9:17 am

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